डॉ. सुनील धर्मानी
सीनियर कंसल्टेंट एवं क्लिनिकल लीड - नेफ्रोलॉजी
अप्रैल से ही बढ़ती गर्मी ने लोगों को परेशान करना शुरू कर दिया है, और आने वाले मई-जून में इसका असर और अधिक गंभीर हो सकता है। तेज़ तापमान का सीधा प्रभाव हमारे शरीर के महत्वपूर्ण अंगों पर पड़ता है, जिनमें किडनी (गुर्दे) सबसे अहम हैं। किडनी का मुख्य कार्य शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर निकालना और पानी व इलेक्ट्रोलाइट का संतुलन बनाए रखना है। इसलिए गर्मी के मौसम में किडनी की देखभाल करना बेहद जरूरी हो जाता है।
बिना डॉक्टर सलाह के पेनकिलर दवाइयों का सेवन
अधिक गर्मी के कारण शरीर से पसीने के रूप में पानी और आवश्यक खनिज तेजी से निकलते हैं, जिससे डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है। यदि समय पर पानी की पूर्ति नहीं की जाए, तो किडनी पर दबाव बढ़ता है और पथरी, संक्रमण या अन्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। कई बार लोग प्यास लगने तक इंतजार करते हैं, जबकि यह सही आदत नहीं है। नियमित अंतराल पर पानी पीना और शरीर को हाइड्रेट रखना आवश्यक है।
इसके अलावा, गर्मी में थकान, चक्कर आना, या पेशाब के रंग में बदलाव जैसे संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ये शरीर में पानी की कमी या किडनी पर बढ़ते दबाव के संकेत हो सकते हैं। यदि समय रहते सावधानी बरती जाए, तो गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है और शरीर को स्वस्थ रखा जा सकता है।
क्या खाएं:तरबूज, खीरा, संतरा जैसे पानी से भरपूर फल
नारियल पानी, छाछ, नींबू पानी हल्का और ताजा घर का बना भोजन,हरी सब्जियों और सलाद,पर्याप्त मात्रा में साफ पानी (दिनभर में 2.5-3 लीटर)
क्या बिल्कुल न खाएं:ज्यादा नमक और मसालेदार भोजन, पैकेज्ड और प्रोसेस्ड फूड,कोल्ड ड्रिंक्स और अत्यधिक मीठे पेय,ज्यादा चाय-कॉफी
नोटः दिए गए आहार सुझाव सामान्य स्वस्थ व्यक्तियों के लिए हैं, जिन्हे किडनी से जुड़ी कोई बीमारी नहीं है।

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